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कृष्ण जन्माष्टमी विशेष

आज कृष्ण जन्माष्टमी है। इस पवित्र अवसर पर एक छोटी सी कविता प्रस्तुत है। आशा करता हूं कि आपको पसंद आएगा। कृपया Like और Share करना ना भूलें। विनम्र निवेदन है कि ब्लॉग को Subscribe जरुर करें। धन्यवाद।

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हरि चर्चा आनन्द है

जग परिचर्चा व्यस्त

जो कृष्ण नाम का जाप करें

मन केवल उनका मस्त।

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जब रावण जग में आता है

तब धर्म नहीं बच पाता है

तब धीर वीर गंभीर रूप धर

एक राम जगत में आता है।

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अपने और पराए की

जब बात जगत में होती है

अनाचार और पाप मिटाने

श्री कृष्ण की लीला होती है।

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जब पापी की बढ़ती पीड़ा से

धरती रोज कराहेगी

फिर धर्म चक्र की रक्षा को

भगवान की शक्ति आएगी।

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अब कलयुग नाच रहा नंगा

है कौन यहां जो ले पंगा

अब धर्म बचाने हे गिरधर

जल्दी आओ लेकर डंडा।

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