दुनिया इस समय समुद्री बाढ़ के भयानक प्रकोप का सामना कर रही है। इस आपदा में हजारों लोग मारे जा रहे हैं और लाखों लोग बेघर हो रहे हैं। लीबिया में आई भीषण समुद्री बाढ़ के कारण अब तक 20000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। परिस्थितियां इतनी भयावह हैं की लाशों को ढूंढना भी मुश्किल हो रहा है।




सवाल केवल लीबिया का नहीं है। सवाल है, जलवायु परिवर्तन और आने वाले समय में इसके दुष्परिणामों का।
केवल सितंबर माह के शुरुआती 11 दिनों में दुनिया के आठ देशों में भीषण बारिश और बाढ़ ने 8 देशों में भयंकर तबाही मचाई। इन देशों में तुर्की, ग्रीस, ब्राजील, अमेरिका, स्पेन, चीन, हांगकांग और लीबिया शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के बदलते रुख के पीछे सबसे बड़ी वजह है जलवायु परिवर्तन। बदलती जलवायु का असर वैश्विक तापमान और मौसम, दोनों पर पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया भर का तापमान और मॉनसून अस्थिर हो रहा है। दुनियाभर का तापमान तेजी से बढ़ रहा है और मौसम में अनियमितता देखने को मिल रही है। इस वर्ष तो गर्मी ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
ठंडे देशों में अचानक से गर्मी शुरू हो गई है, रेगिस्तान में बाढ़ की घटनाएं सामने आ रही हैं। 1902 के बाद से मौसम की दूसरी सबसे बड़ी चरम घटनाएं 2023 में देखी जा रही हैं। मौसमी घटनाओं के जरिए प्रकृति ये कहने की कोशिश कर रही है कि हमें पर्यावरण पर ध्यान देने की जरूरत है।