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कल्कि करेंगे संहार

पौराणिक मान्यतानुसार भगवान विष्णु के दसवें व अंतिम अवतार भगवान कल्कि के इस धरा पर अवतरण होने का समय चल रहा है। प्रभु कल्कि का प्रकट होना अभी शेष है। ग्रंथों में कलियुग के अंतिम चरण में कल्कि अवतार के आने की भविष्यवाणी की गई है। लेकिन कलयुग के समयकाल को लेकर विद्वानों में मतभेद है। अभी कलयुग का कौन सा चरण चल रहा है किसी को कुछ नहीं पता।

हालांकि भगवान कल्कि की सम्भावित जन्मतिथि श्रावण शुक्ल षष्ठी को कल्कि जयंती के रूप में मनाने का प्रचलन भी है। एक मान्यता के अनुसार जब कलयुग अपने चरम पर होगा, तब भगवान विष्णु अपने 64 कलाओं से युक्त दसवें अवतार भगवान कल्कि अवतार के रूप में इस पृथ्वी पर अवतरित होंगे और कलयुग का अंत कर एक नई सृष्टि का सृजन कर मनुष्य को सनातन वैदिक धर्म पर आरूढ़ कराएंगे।


भगवान विष्णु का यह अवतार निष्कलंक अवतार होगा। कल्कि भगवान का स्वरूप अर्थात सगुण रूप परम दिव्य होता है। वे श्वेत अश्व पर सवार हैं, उनका रंग गोरा है जो क्रोध में काला हो जाता है। पीले वस्त्र धारण किए उनके हृदय पर श्रीवत्स का चिह्न अंकित होगा और गले में कौस्तुभ मणि होगी। उनके हाथों में दो तलवारें होंगी।


कलयुग के घोर अंधकार के युग में जब लोग धर्म और विश्वास को नजर अंदाज़ कर देते हैं और अपनी भौतिकवादी महत्वाकांक्षा और लालच में अपने उद्देश्य को भूल जाते हैं तब भ्रष्ट राजाओं की हत्या के बाद, भगवान कल्कि मनुष्यों के दिलों में भक्ति का भाव जगाएंगे। लोगों को धर्म के मार्ग का अवलंबन और शुद्धता का पालन करना सिखाएंगे ताकि सनातन वैदिक धर्म पर लोगों का विश्वास पुनः वापस आ जाए।
कल्कि अवतार की भविष्यवाणी कई सदियों से हिंदुओं के बीच लोकप्रिय है। कई लोग मानते हैं कि कल्कि का अवतार हो चुका है और वे दुनिया में शांति और समृद्धि स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि कल्कि का अवतार अभी तक नहीं हुआ है और वे भविष्य में अवतार लेंगे।

तो 2024 में फिर से मोदी …..

दोस्तों एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। खबर बिहार से है। बताया जा रहा है कि नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह कुछ नाराज चल रहे हैं। हालांकि उन्हें मनाने की कोशिशें चल रही हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि लल्लन सिंह पार्टी के अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहते हैं लेकिन नीतीश कुमार चाहते हैं कि लल्लन सिंह पार्टी के अध्यक्ष बने रहें। इसी बीच एक और चर्चा है वह यह कि शायद नीतीश कुमार फिर से भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर लें।

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ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल के कुछ नेताओं की अनाप-शनाप बयानबाजी से नीतीश कुमार व्यथित हैं। इसीलिए उनका मोह आरजेडी से भंग रहा है।

हालांकि स्पष्ट तौर से अभी कुछ भी साफ-साफ नहीं कहा जा सकता। लेकिन अगर ऐसा होता है तो इससे भारतीय जनता पार्टी को बड़ी ताकत मिलेगी। यही नहीं भारतीय जनता पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव के अपने 400 प्लस के मिशन को आसानी से पूरा कर लेगी। बिहार में लोक सभा की कुल 40 सीटें हैं। अगर नीतीश कुमार की पार्टी का गठबंधन भारतीय जनता पार्टी से होता है तो यह इंडिया गठबंधन के लिए एक बहुत बड़ा सदमा होगा और विपक्षी पार्टियों का 2024 में मोदी को घेरने की रणनीति विफल हो जाएगी और मोदी फिर से भारत के प्रधानमंत्री पद आसीन होंगे।

आपको बता दें कि लल्लन सिंह जनता दल यूनाइटेड पार्टी के मजबूत स्तंभ हैं। पिछले 40 वर्षों से वह नीतीश कुमार से बहुत करीब से जुड़े रहे हैं। बिहार में उनकी छवि एक मजबूत कद्दावर नेता की रही है। बिहार में उनकी गहरी पैठ है। अगर बीजेपी ऐसा करने में कामयाब होती है तो अचरज की बात नहीं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी का परचम लहराएगा।

आखिर कब होगा विश्व युद्ध

पिछले तीन चार सालों से दुनिया में विश्व युद्ध को लेकर बड़ी उत्सुकता है। इसे लेकर तरह तरह के विचार सोशल मीडिया पर आते रहते हैं। लोग बड़ी उत्सुकता से इन खबरों को पढ़ते भी हैं। कभी कभी तो ऐसा लगता है कि जैसे कल ही शुरू हो जाएगा विश्व युद्ध। दुनिया में जब भी कोई बड़ी राजनैतिक हलचल होती है तो महासंग्राम की चर्चा तेज हो जाती है। लेकिन हर बार विश्व युद्ध की आहट शांति से गुजर जाती है।

मैं यह नहीं कह रहा कि विश्व युद्ध हो‌ क्योंकि इससे किसी को कोई लाभ नहीं होगा। इससे हानि ही हानि होगी। तबाही होगी, भुखमरी होगी, दुःख होंगे पीड़ा होगी। लेकिन किसी के चाहने या न चाहने से कुछ होता नहीं। जब जो होना होगा हो जाएगा। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में विश्व युद्ध अवश्यंभावी है।

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मुझे लगता है युद्ध ही एकमात्र स्थाई समाधान रह गया है। विश्व के कुछ देश किसी भी कीमत पर अपनी जिद से पीछे नहीं हटने वाले और ऐसे ही राष्ट्रों की भूमिका प्रमुख होगी तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत कराने में। यद्यपि वास्तविकता तो यह है कि विश्व युद्ध शुरू हो चुका है ‌लेकिन इसकी विधिवत घोषणा नहीं हुई है। आर्मेनिया अज़रबैजान हो या फिलिस्तीन और इजराइल या फिर कोरियाई संकट हर जगह विश्व युद्ध की एक चिंगारी जल रही है।

चीन की विस्तारवादी नीति और ताइवान पर उसकी नजर, यूरोप में इस्लाम के विरुद्ध पनपती भावनाएं, ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी, नेपाल में राजशाही को लेकर आंदोलन, हूती विद्रोहियों द्वारा मचा तांडव, इस्लामिक देशों की इजरायल के विरुद्ध एकजुटता आदि सभी घटनाएं अघोषित जारी विश्व युद्ध के ही कारण हैं। गुटबाजी तेज हो गई है तो कूटनीतिक चालें भी तेज हो गई है। हर कोई अपने अपने हित साधने के लिए दूसरे मुल्कों को अपने पाले में लाने की भरपूर कोशिश कर रहा है ताकि उसे पर्याप्त रणनीतिक लाभ सके।

लेकिन सवाल फिर वही है कि आखिर विधिवत रूप से यह कब शुरू होगा। कोई भी बड़ा देश इसे शुरू करने का संकट मोल लेने को तैयार नहीं दिख रहा लेकिन वे इससे अपने आप को बचा कर रख पाएंगे ऐसा भी नहीं प्रतीत होता। खैर हमें इंतजार रहेगा विश्व युद्ध का। क्योंकि हमें एक सुंदर और बेहतरीन दुनिया की तलाश है। खुदा हाफ़िज़।

कल्कि अवतार यहां हैं

आजकल कल्कि अवतार को लेकर बहुत चर्चा हो रही है। खास कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यू ट्यूब पर कुछ ज्यादा ही शोरगुल है। कल्कि अवतार को लेकर सबके अपने अपने विचार हैं। कुछ तो इस तरह अपने विचारों को रखते हैं मानो वो कल्कि के प्रवक्ता हों। और कुछ तो इस तरह से आते हैं जिन्हें देखकर ही लगता है कि बस करो ये तो मसखरें हैं जो हमारा मनोरंजन करने आए हैं।

यू ट्यूब पर एक मोहतरमा आती है। देखने में खूबसूरत लगती हैं। साथ श्रृंगार करके आती हैं। खुद को मा लक्ष्मी, मां काली और मां भगवती का अवतार घोषित करती हैं। ये सबको अपनी शरण में आमंत्रित कर रही हैं।

एक हैं राकेश शर्मा जी जो खुद को भक्त प्रहलाद मानते हैं। इनका भी मानना है कि भगवान धरा पर अवतरित हो चुके हैं ताकि पाप और पापियों का अंत हो सके। ये टैरो कार्ड रीडर भी हैं और भविष्यवाणी भी करते रहते हैं। वैसे कल्कि अवतार के प्रेमियों के बीच बहुत लोकप्रिय भी हैं।

https://youtube.com/@ambrance1112?si=VPiSSADVB-DjP4d1

एक और सज्जन हैं जो खुद को कल्कि अवतार का एक प्रमुख पात्र मानते हैं। ये सज्जन हैं डाक्टर विलास जगदाले। ये महोदय यू ट्यूब पर ही आजकल धुनी रमाते हैं, योग और समाधि सिखाते हैं। इन्हें लगता है कि दुनिया का साम्राज्य एक दिन इनके हाथों में होगा और ये न्याय करेंगे। अपने वीडियो में पिछले कई सालों से बताते आ रहे हैं कि कोई बहुत बड़ी तबाही आएगी और सभी पापियों का नाश हो जाएगा।

https://youtube.com/@DrVilasJagdaleG?si=w31gjrOOZP3jbtIE

वहीं उड़ीसा के सत्यभांजा नामक एक व्यक्ति भी कल्कि अवतार को लेकर रोज कुछ न कुछ विचार रखते रहते हैं। आजकल किसी पुलिन पांडा नाम के ज्योतिषी को लेकर ये आने वाले समय के बारे में बातें बताते हैं। बताते चलें कि पुलिन पांडा जी की पहचान जाने माने ज्योतिषी की है। ख़ैर हमें क्या।

https://youtube.com/@SatyaBhanjaHindi?si=JRjPqZ97RS_HRK6S

चलते चलते एक और महोदय के बारे में बताते चलें। इनके वीडियो देखकर लगता है मानो ये खुद भगवान कल्कि के साथ ही अवतार हुए हैं। इन्हें कल्कि के बारे में सब कुछ पता है। इनका दावा है कि आने वाले समय में भगवान कल्कि सारे पापियों का सफाया कर देंगे। इन महोदय के चैनल का लिंक है

https://youtu.be/WzMeloEvsLs?si=2Tqzc21VXAlmqbqL

लेकिन असल बात तो ये है कि असली कल्कि अवतार का सही पता तो मेरे पास है। दुर्भाग्य ये है कि न तो मैं यू ट्यूब चैनल चलाता हूं और ना ही मैं तामझाम की ख्वाहिश ही रखता हूं। हां, लेकिन यह सच है कि असली कल्कि का पता मेरे पास है। बताता इसलिए नहीं क्योंकि दुनिया उस पर विश्वास करेगी नहीं। हालांकि कुछ लोगों ने कल्कि अवतार के बारे में खुलकर बताया है लेकिन लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। इसलिए बेहतर यही है कि वक्त का इंतजार करें और कल्कि को खुद ही कल्कि घोषित करने का अवसर दें। इतना बता दूं कि इस समय कल्कि को सारे पापी, दुराचारी और पाखंडी घेरने की फिराक में हैं लेकिन वो कल्कि का कुछ नुकसान कर नहीं पाएंगे। कल्कि ने कोहराम मचा रखा है। वो फटाफट निर्णय लिए जा रहे हैं और राक्षस विरादरी बेचैन है इस समय।

क्या पाक में होगा तख्तापलट

पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियां इतनी भयानक है कि जल्दी ही सैन्य तख्तापलट हो सकता है। बदतर आर्थिक हालत और राजनीतिक उथल-पुथल देश में संवैधानिक संकट का संकेत दे रहा है।

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दरअसल पाक के आर्मी चीफ जनरल हासिम मुनीर की कुछ तस्वीरें उभर कर सामने आ रही हैं जिनसे पाकिस्तान में संभावित तख्तापलट के संकेत मिल रहे हैं। इसी माह वे पांच दिन अमेरिकी दौरे पर थे जहां पर वे कई प्रमुख लोगों से मुलाकात करते हैं। अपने अमेरिकी दौरे के दौरान मुनीर अमेरिकी विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकेन के साथ मुलाकात की जबकि सामान्य: ऐसा होता नहीं है। भला सेना प्रमुख विदेश सचिव से मुलाकात क्यों करेंगे। खैर जो तस्वीर सबसे ज्यादा परेशान कर रही है वो है जनरल मुनीर और विक्टोरिया न्यूलैंड की मुलाकात की तस्वीरें।
दरअसल न्यूलैंड नाम की महिला ने जब जब किसी देश का भ्रमण किया तो वहां तख्तापलट पलट हो गया। यूक्रेन, म्यांमार, जार्जिया, कजाखस्तान के संदर्भ में न्यूलैंड की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में पाक आर्मी चीफ से इसकी एक घंटे की मुलाकात कहीं न कहीं पाकिस्तान में किसी बड़ी राजनीतिक घटनाक्रम की ओर संकेत कर रही है।

जल्दी ही ठोका जाएगा आतंकी हाफिज सईद

पाकिस्तानी आतंकवादी हाफिज सईद खौफ में जी रहा है। उसे डर है कि जल्द ही उसे 72 हूरों के पास मौज मस्ती के लिए रवाना किया जा सकता है। हाल ही में उसके बेटे को अगवा कर मौत के घाट उतार दिया गया है।

अखबरों की खबरों में दावा किया जा रहा है कि कुछ नकाबपोशों ने हाफिज सईद के बेटे कमालुद्दीन को एक एसयूवी गाड़ी से अगवा कर जन्नत के लिए रवाना कर दिया। हालांकि अभी इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। जिहादी हलकों में लश्कर-ए-तैयब संगठन में बीते कुछ समय से अंदरुनी कलह के चलते लगातार हो रही हत्याओं से आतंकियों में बेचैनी बढ़ती जा रही है।

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लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख सदस्य मौलवी मौलाना जियाउर रहमान की हत्या के बाद दर्जन भर आतंकवादी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के सुरक्षित घरों में रखे जा रहे हैं। कुछ दिन पहले कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर में रहमान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खबरों के अनुसार जब वह शाम को पार्क में टहल रहा था तभी दो अज्ञात हमलावरों ने उन्हें कई बार गोली मारी।

आतंकी हाफिज सईद मुंबई आतंकी हमले का गुनहगार है। इसके सबसे करीबी आतंकी और लश्कर के संस्थापक सदस्यों में से एक मुफ्ती कैसर फारूक को भी कराची में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। इस शूटआउट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि यह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मोस्ट वांटेड आतंकवादी कैसर फारूक की हत्या का सीसीटीवी फुटेज है।

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दो हजार के नोट बदलने के लिए शनिवार अंतिम दिन है।

23 मई 2023 को मोदी सरकार ने की थी 2000 रुपए के नोट बदलने की घोषणा 

दो हजार के नोट बदलने के लिए 30 सितंबर 2023 यानी आज शनिवार अंतिम दिन है। बैंक में चार बजे तक, जबकि एटीएम में रात 12 बजे तक इस नोट को बदल सकते हैं। देशभर में बैंकों में दो हज़ार रुपए के नोट जमा करा रहे हैं।

 

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दो हजार के नोट बदलने के लिए शनिवार अंतिम दिन है। बैंक में चार बजे तक जबकि एटीएम में रात 12 बजे तक यह सुविधा मिलेगी। लीड बैंक अधिकारी के अनुसार, नोएडा के बैंकों में दिल्ली और गाजियाबाद के लोगों ने 100 करोड़ जमा करा चुके हैं। वहीं बैंक शाखाओं में काउंटर पर जगह-जगह भीड़ लगी हुई है।

वहीं, अंतिम दिनों में भी यहां के लोगों ने नोएडा के बैंकों में धनराशि जमा कराई है। इनमें इंदिरापुरम, खोड़ा, अशोक नगर और मयूर विहार के अधिकतर लोग शामिल हैं।

लीड बैंक अधिकारी समीर बताते हैं कि जिलों को मिला लक्ष्य अंतिम तारीख से सप्ताह भर पहले ही पूरा कर लिया गया है। इसके बाद भी लोगों ने करोड़ों से अधिक रुपये जमा कराए गए हैं। बैंकों को शाम सात बजे तक करेंसी चेस्ट में जमा कराना होगा। 

सभी एटीएम के पैसे अगले दिन तक जमा कराने होंगे। देश भर के जिलों में पैसे जमाए कराए जा रहे हैं। गौर करें तो  23 मई से नोट बदलने की घोषणा के बाद लीड बैंकों की ओर से अरबों रुपए जमा कराए जा चुके हैं। 

समीर ने बताया कि नोटबंदी वाले हालात नहीं रहे, बहुत आसानी से नोट बदले गए हैं। इसके लिए 23 मई से ही शाखाओं पर काफी संख्या में अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए थे। 

आसमान में दो सूर्य निकलने वाला है

संत अच्युतानंद दास ने भविष्य मालिका के नाम का ग्रंथ लिखा है। बताते हैं कि आप भगवान श्री कृष्ण के साथी सुदामा जी के अवतार थे। अच्युतानंद दास ने 318 पुस्तकें भविष्य के विषय पर लिखी है। इन पुस्तकों को अच्युतानंद मलिका के नाम से जाना जाता है। भविष्य मालिका के अनुसार धरती 3 चरणों से गुजरेगी। पहले में कलयुग का अंत, दूसरे में महाविनाश और तीसरा एक नया युग लेकर आएगा।

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इस पुस्तक की प्रमुख भविष्यवाणियां बेहद डरावनी हैं। इसके अनुसार धरती की धुरी बदल जाएगी और कई भूंकप आएंगे। आसमान में दो सूर्य निकलने का प्रतीत होंगे जोकि आसमानी होगा और बंगाल की खाड़ी में गिरेगा तथा ओडिशा जलमग्न हो जाएगा। समुद्र का जलस्तर बढ़ जाएगा और जगन्नाथ मंदिर की 22वीं सीढी तक पानी आ जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं के कारण धरती पर 7 दिनों तक अंधेरा रहेगा। यह घटना 2022 से 2029 के बीच होगी। भविष्य मालिका के अनुसार 2025 के बाद का समय एक विभिषिका के समान होगा और वहीं लोग बचेंगे तो सत्य और धर्म के मार्ग पर चलेंगे। लोग कीट- पंतंगों की तरह मरेंगे और विश्व की जनसंख्या घटकर 134 करोड़ से 64 करोड़ ही रह जाएगी। चीन तबाह हो जाएगा। रूस हिन्दू राष्ट्र बन जाएगा। 

तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने पर हो जाएगी जो 6 साल 6 माह तक चलेगा। 13 मुस्लिम देशों के साथ मिलकर चीन भारत पर हमला करेगा। भारत की इसमें विजय होगी और भारत अपने दुश्मनों को खत्म कर विश्‍व गुरु बन जाएगा।

जेल में बाहर निकला डान

नेपाल में 19 वर्ष जेल तक जेल की सजा काटने के बाद हत्यारोपी 79 वर्षीय हत्यारोपी चार्ल्स गुरमुख शोभराज इस समय स्वतंत्रता का जश्न मना रहा है। क्रिसमस के 1 दिन बाद ही उसने मेरे मोबाइल पर एक संदेश भेजा। यह संदेश उसने पेरिस के एक होटल में आराम फरमाते समय भेजा। उसका संदेश इस प्रकार था। “सुबह के 6 बज रहे हैं। काफी सालों बाद मैं बाथटब में स्नान कर रहा हूं। बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं।

Courtesy Al Jazeera


कुछ घंटे बाद ही बॉक्सिंग डे के अवसर पर उसका नाश्ता करते हुए एक फोटोग्राफ संदेश मुझे मिला। सफेद रंग की प्लेट में पनीर की तीन तरह की सब्जियां, मसालेदार गोश्त की सब्जी और आलू बुखारा साथ ब्लैक कॉफी रखा हुआ था। संदेश में लिखा था कि मैं बेहतरीन नाश्ता कर रहा हूं।
3 दिन पहले ही शोभराज, जोकी एक फ्रांसीसी नागरिक है, नेपाल के काठमांडू सेंट्रल जेल की जेल से रिहा हुआ था। 1975 में दो सैलानियों की हत्या करने के जुर्म में उसे यह सजा दी गई थी। ऐसा नहीं है कि वह पहली बार जेल गया था। शोभराज ने अपने जीवन के 40 वर्ष जेल में ही गुजारे हैं। वह ग्रीस और तेहरान की जिलों में भी सजा काट चुका है। भारत में भी उसे हत्या समेत कई अपराधों में 21 वर्ष जेल की सजा हो चुकी है। 1990 में जब वह तिहाड़ जेल में बंद था, तब उससे मेरी पहली मुलाकात हुई थी। उस समय मैं दिल्ली में एक क्राइम रिपोर्टर था और अक्सर मैं उसका इंटरव्यू/ साक्षात्कार किया करता था।
1970 में शोभराज हिप्पी यात्रियों (हिप्पी ट्रेल या ओवरलैंड 1950 के दशक के मध्य से 1970 के दशक के अंत तक हिप्पी उपसंस्कृति के सदस्यों और अन्य लोगों द्वारा की गई एक ओवरलैंड यात्रा को दिया गया नाम है जो यूरोप और पश्चिम एशिया से दक्षिण एशिया के माध्यम से यात्रा करता है जैसे कि अफगानिस्तान , पाकिस्तान, भारत , नेपाल , श्रीलंका , बांग्लादेश से थाईलैंड तक, हिप्पी ट्रेल वैकल्पिक पर्यटन का एक रूप था) का पीछा किया करता था, उनसे दोस्ती करके उनके भोजन या पेय पदार्थ में अचेत करने वाला पदार्थ या नींद की दवा मिलाकर उनके पैसे और पासपोर्ट लूट लेता था।
इस तरह शोभराज लूटे हुए पासपोर्ट का प्रयोग दूसरे देशों की यात्राओं करने में करता था और वहां भी वह इसी तरह के अपराधों को अंजाम दिया करता था। इस तरह शोभराज धूर्त आदमी के रूप में मशहूर हो गया क्योंकि वह बड़ी आसानी से अधिकारियों को चकमा देकर फरार हो जाता था। भारत, पाकिस्तान, नेपाल और थाईलैंड में 10 लोगों की हत्या का आरोप उस पर लगा है। हालांकि माना जाता है कि उसने इससे अधिक लोगों की हत्या की है, लेकिन उसे सजा सिर्फ दो ही मामलों में हो पाई है। शोभराज और उसके अपराधों के ज्यादातर किस्से 1970 से 1976 के बीच के हैं जो मीडिया के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहा है। इस पर लिखी गई किताबों की रिकार्ड बिकी हैं। बीबीसी ने नेटफ्लिक्स पर धूर्त आदमी (The Serpent) नाम से डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है जो बहुत लोकप्रिय हुई।
अब जेल से रिहा होने के बाद शोभराज अपने जीवन से जुड़ी कहानियों को बेचने की फिराक में है। उसके जीवन पर बनी एक जीवनी वृतांत और डॉक्यूमेंट्री हाल ही में रिलीज की गई है। वह यह नहीं बताता कि उसने अपने जीवन से जुड़ी जानकारी को बेचकर कितने रुपए कमाए हैं। लेकिन वह कहता है कि वह अपने साथ कुछ कैमरामैन को लेकर पूरी दुनिया घूमना चाहता है ताकि अपने जीवन से जुड़ी हुई घटनाओं को रिकार्ड कर फिल्म और सीरियल बनाने वालों को बेच सके। उसने उन सभी लोगों को नोटिस भेज कर हर्जाना वसूलने की धमकी दी है जिन्होंने उसे अपनी किताबें, फिल्मों, सीरियल या डॉक्यूमेंट्री में गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।
29 वर्षीय अमेरिकी छात्र कोनी जो ब्रोनजिक और 26 वर्षीय कनाडाई लारेंट कैरी की हत्या के जुर्म में शोभराज को नेपाल में 20 वर्ष के कारावास की सजा हुई है। हालांकि इन दोनों की हत्या 1975 में हुई थी लेकिन शोभराज को सजा मिलने में 28 वर्ष लगे यानी उसे 2023 में सजा सुनाई गई है। 2019 में सजा काटने के दौरान जेल में ही उसके दिल का आपरेशन हुआ और तभी से वह नेपाल की सुप्रीम अदालत में स्वास्थ्य आयु और जेल में अच्छे व्यवहार के आधार पर रिहाई के लिए याचिकाएं दायर करता रहा। पिछले साल दिसंबर माह में उसे रिहा भी कर दिया गया।
क्रिसमस दिवस पर फोन पर दिए गए एक साक्षात्कार में उसने मुझे बताया कि उसने अपने जीवन में कभी किसी की हत्या नहीं की। उसने बताया कि उसने पैसे लूटे, पासपोर्ट चुराकर प्रयोग किया लेकिन किसी की हत्या नहीं की।
शोभराज कहता है कि उसे हत्या के आरोप में फंसाया गया है और 2023 से पहले वह कभी नेपाल गया ही नहीं। खुद को पीड़ित होने का दावा करते हुए कहा कि इसके लिए भ्रष्ट न्यायिक व्यवस्था जिम्मेदार है। अरबी समाचार चैनल अल जजीरा से बातचीत करते हुए उसने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति के माध्यम से वह नेपाल सरकार को कानूनी नोटिस भेजेगा। उसने कहा कि वह नेट फ्लिक्स और बीबीसी को भी नोटिस भेजेगा।
यह लेख अल जजीरा की न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित अंग्रेजी खबर का आंशिक हिन्दी अनुवाद है। अंग्रेजी लेख सुपर्णा वर्मा का है। इसमें मेरे द्वारा कुछ भी जोड़ा नहीं गया है। मूल खबर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। अगर आप कमेंट कर बताएं तो संपूर्ण खबर का हिन्दी अनुवाद प्रस्तुत करने को तत्पर हूं।
https://www.aljazeera.com/features/2023/8/25/charles-sobhraj-convicted-murderer-has-a-new-story-to-tell

बाढ़ लीला ने हजारों को लीला

दुनिया इस समय समुद्री बाढ़ के भयानक प्रकोप का सामना कर रही है। इस आपदा में हजारों लोग मारे जा रहे हैं और लाखों लोग बेघर हो रहे हैं। लीबिया में आई भीषण समुद्री बाढ़ के कारण अब तक 20000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। परिस्थितियां इतनी भयावह हैं की लाशों को ढूंढना भी मुश्किल हो रहा है।

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सवाल केवल लीबिया का नहीं है। सवाल है, जलवायु परिवर्तन और आने वाले समय में इसके दुष्परिणामों का।

केवल सितंबर माह के शुरुआती 11 दिनों में दुनिया के आठ देशों में भीषण बारिश और बाढ़ ने 8 देशों में भयंकर तबाही मचाई। इन देशों में तुर्की, ग्रीस, ब्राजील, अमेरिका, स्पेन, चीन, हांगकांग और लीबिया शामिल हैं।


विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के बदलते रुख के पीछे सबसे बड़ी वजह है जलवायु परिवर्तन। बदलती जलवायु का असर वैश्विक तापमान और मौसम, दोनों पर पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया भर का तापमान और मॉनसून अस्थिर हो रहा है। दुनियाभर का तापमान तेजी से बढ़ रहा है और मौसम में अनियमितता देखने को मिल रही है। इस वर्ष तो गर्मी ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
ठंडे देशों में अचानक से गर्मी शुरू हो गई है, रेगिस्तान में बाढ़ की घटनाएं सामने आ रही हैं। 1902 के बाद से मौसम की दूसरी सबसे बड़ी चरम घटनाएं 2023 में देखी जा रही हैं। मौसमी घटनाओं के जरिए प्रकृति ये कहने की कोशिश कर रही है कि हमें पर्यावरण पर ध्यान देने की जरूरत है।