








Significant increase in prices, growing inflation rate and stagnation of salaries has toughened the lives of many people across the world.
People are facing the anxiety of surviving the economic realities of the country. While struggling it is easy to overlook mental wellbeing.

Financial stresses makes our mental health vulnerable such as anxiety, depression, shame, loneliness, poor sleep, poor self-esteem, anger, fear, substance abuse. It may lead to suicidal thoughts in extreme cases. Research reveals that people who experience financial burdens have a higher chance of suffering from depression and alcohol dependence. Financial burden also affects the effectiveness of individual resulting in the form of fatigue, depression, sadness, stress and so on.
Caring Mental Health
One way to care for mental health is to connecting family and friends. It will be helpful finding someone with similar situations in dealing with financial crisis. Having the company of a person who are actively looking to better situation will make our character strong. It’s better having some good support than no support.
While trying to find a way to mitigate the effects of the financial burden is to visit the counseling unit. Skilled professionals can help by giving practical advice on how to handle situations. They can enhance the emotional and psychological states of the mind. There are a lot of councilling centres.

The final match of The Hundred Women 2023 is all set to take place between Southern Brave (SOB-W) and Northern Superchargers (NOS-W) at the Lord’s Cricket Ground in London on Sunday (August 27).
Brave finished at the top of the table in the tournament’s while Superchargers ended second position in their group-stage campaign. Maia Bouchier has been the consistent performer with the bat for the Southern Brave while Phoebe Litchfield has been displayed most impressive performance from Northern Superchargers.

Lord’s Cricket Ground traditionally provides assistance to the seam bowlers yet batters also can score runs if they spend some time at crease. Spinners can be hidden assets. The team winning the toss may opt to bat first and try to put a massive total. After all we can expect a thrilling final to take place at this iconic venue. I am sharing my favourite dream 11 team for today’s match. Here is my team.
ISRO Chandrayaan-3 Live: भारत ने फिर इतिहास रचा। अबकी बार यूट्यूब की लाइव स्ट्रीमिंग ने रिकॉर्ड बनाया है। इंडिया के चंद्रयान-3 ने चाँद पर सफल लैंडिंग कर की है। इसी के साथ, भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बना है। वहीं, इसरो के लाइव स्ट्रीमिंग लिंक ने भी यूट्यूब पर इतिहास रच दिया। चंद्रयान-3 के लैंडिंग की लाइव स्ट्रीमिंग को 8.06 मिलियन लोगों ने एक साथ देखा, जिसने यूट्यूब इतिहास के सभी कीर्तिमानों को ध्वस्त कर दिया। चंद्रयान-3 की लाइव स्ट्रीमिंग यूट्यूब पर विश्व में सबसे अधिक देखा जाने वाला इवेंट बना
ISRO Chandrayaan-3 Live: यूट्यूब पर अब तक ब्राजील बनाम दक्षिण कोरिया के फुटबॉल मैच की लाइव स्ट्रीमिंग सबसे ज्यादा 6.15 मिलियन लोगों ने एक साथ देखी थी। जिसे 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की लाइव स्ट्रीमिंग ने ध्वस्त कर दिया। वहीं, तीसरे नंबर पर ब्राजील बनाम क्रोएशिया का फुटबॉल मैच है, जिसे 5.2 मिलियन लोगों ने एक साथ देखा था।
ISRO Chandrayaan-3 Live: इसरो के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग से पहले सब्सक्राइबर्स की संख्या 2.68 मिलियन यानी करीब 26 लाख थी, जो कि अब सफल लैंडिंग के बाद 35 लाख हो गई। लैंडिंग का लाइव प्रसारण करीब एक घंटे 11 मिनट तक चला और महज एक घंटे में इसरो के नौ लाख सब्सक्राइबर्स बढ़ गए। इसरो के लाइव प्रसारण को सब्सक्राइबर्स से तीन गुना से अधिक लोगों ने एक साथ देखा।
इसरो के यूट्यूब चैनल पर 2.68 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं, लेकिन महज 9 मिनट के अंदर ही चंद्रयान-3 की लाइव लैंडिंग को देखने के लिए चैनल से 2.9 मिलियन लोग जुड़ गए।
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहनों के आपसी प्रेम का प्रतीक है। रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षाबंधन बांधती हैं।
मुहूर्त शास्त्र के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा भद्रा रहित काल में मनाना शुभ होता है। अगर रक्षाबंधन के दिन भद्रा होती है तो ऐसे में बहनों को अपने भाइयों की कलाई में राखी नहीं बांधनी चाहिए। भद्रा की समाप्ति के बाद ही राखी बांधना चाहिए। इस बार रक्षा बंधन की डेट को लेकर कुछ मतभेद है। दरअसल इस वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि पर भद्रा का साया रहने के कारण रक्षाबंधन 30 और 31 अगस्त को मनाने को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है।
रक्षाबंधन पर्व को भाई-बहन के प्रेम और सदभाव के पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है इसके बदले में भाई बहन को भेंट देता है एवं सदैव उसकी रक्षा करने का वचन भी देता है।अच्छे मुहूर्त अथवा भद्रारहित काल में भाई की कलाई में राखी बांधने से भाई को कार्य सिद्धि और विजय प्राप्त होती है।
रक्षाबंधन भद्रा पूंछ: 30 अगस्त 2023 की शाम 05:30 बजे से शाम 06:31 बजे तक
रक्षाबंधन भद्रा मुख: 30 अगस्त 2023 की शाम 06:31 बजे से रात 08:11 बजे तक
कब बांधें राखी: 30 अगस्त की रात 09 बजकर 03 मिनट से 31 अगस्त 2023 की सुबह 07 बजकर 07 मिनट तक।
30 अगस्त को भद्रा के कारण राखी बांधने का मुहूर्त दिन में नहीं है। इस दिन रात में 9 बजकर 3 मिनट के बाद राखी बांधने का मुहूर्त है।
31 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा सुबह 07 बजकर 07 मिनट तक है और इस समय में भद्रा नहीं है। ऐसे में 31 अगस्त को सुबह 7 बजे तक बहनें, भाई को राखी बांध सकती हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 30 अगस्त 2023 को सुबह 10 बजकर 58 मिनट होगी। जबकि पूर्णिमा तिथि का समापन 31 अगस्त को सुबह 07 बजकर 5 मिनट पर होगा।
शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा बिना भद्रा काल में मनाना शुभ होता है। अगर रक्षाबंधन के दिन भद्रा रहे तो इस दौरान राखी नहीं बांधनी चाहिए। लेकिन इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार 30 अगस्त को सुबह श्रावण पूर्णिमा तिथि के साथ यानी 10 बजकर 58 मिनट से भद्रा लग जाएगी। जो रात को 09 बजकर 01 मिनट तक रहेगी। इस साल भद्रा रक्षाबंधन के दिन पृथ्वी पर वास करेंगी, जिस कारण से भद्रा में राखी बांधना शुभ नहीं रहेगा।
भद्राकाल के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। भद्रा भगवान सूर्य और माता छाया की पुत्री हैं और शनिदेव इनके भाई हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भद्रा का जन्म दैत्यों के विनाश के लिए हुआ था। जब भद्रा का जन्म हुआ तो वह जन्म लेने के फौरन बाद ही पूरे सृष्टि को अपना निवाला बनाने लगी थीं। इस तरह से भद्रा के कारण जहां भी शुभ और मांगलिक कार्य, यज्ञ और अनुष्ठान होते वहां विध्न आने लगता है। इस कारण से जब भद्रा लगती है तब किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। भद्रा को 11 कारणों में 7वें करण यानी विष्टि करण में स्थान प्राप्त है।
वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक भद्रा का वास तीन लोकों में होता है। यानी भद्रा स्वर्ग, पाताल और पृथ्वी लोक में वास करती हैं। जब चंद्रमा कर्क, सिंह, कुंभ और मीन राशि में मौजूद होते हैं। तब भद्रा का वास पृथ्वी लोक पर होता है। पृथ्वीलोक में भद्रा का वास होने पर भद्रा का मुख सामने की तरफ होता है। ऐसे में इस दौरान किसी भी तरह का शुभ और मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। भद्रा में किया गया शुभ कार्य कभी भी सफल नहीं होता है।
मुहूर्त्त चिन्तामणि शास्त्र के अनुसार जब भद्रा काल प्रारंभ होता है तो इसमें शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। यहां तक कि यात्रा भी नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही भद्रा काल में राखी बांधना भी शुभ नहीं माना गया है। मान्यता के अनुसार चंद्रमा की राशि से भद्रा का वास तय किया जाता है। गणना के अनुसार चंद्रमा जब कर्क राशि, सिंह राशि, कुंभ राशि या मीन राशि में होता है। तब भद्रा का वास पृथ्वी में निवास करके मनुष्यों को क्षति पहुंचाती है। वहीं मेष राशि, वृष राशि, मिथुन राशि और वृश्चिक राशि में जब चंद्रमा रहता है तब भद्रा स्वर्गलोक में रहती है एवं देवताओं के कार्यों में विघ्न डालती है। जब चंद्रमा कन्या राशि, तुला राशि, धनु राशि या मकर राशि में होता है तो भद्रा का वास पाताल लोक में माना गया है। भद्रा जिस लोक में रहती है वहीं प्रभावी रहती है।
वैदिक पंचांग के अनुसार श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि 30 अगस्त को सुबह 10 बजकर 58 मिनट से शुरू हो जाएगी। लेकिन इसी के साथ भद्रा भी लग जाएगी। भद्राकाल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है। भद्रा का समापन 30 अगस्त को रात के 9 बजकर 01 मिनट पर होगा।
शुभ मुहूर्त शास्त्र के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि और अपराह्र काल यानी दोपहर के समय भद्रा रहित काल में मनाना शुभ होता है। लेकिन इस वर्ष 30 अगस्त को पूरे दिन भद्रा रहेगी। भद्रा में राखी बांधना अशुभ होता है। ऐसे में 30 अगस्त 2023 को रात 09 बजकर 03 मिनट के बाद राखी बांधी जा सकती है। वहीं 31 अगस्त को सुबह 07 बजकर 7 मिनट से पहले राखी बांध सकते हैं।
अपना दुख दर्द छुपाने को
बस बचा एक ही जरिया है
जब पूछे कोई कैसे हो
हम कह देते हैं बढ़िया है।।
चेहरे पर मुस्कान लिए
वाणी में रहते रस घोले
स्वप्न सरीखा यह जीवन
जो सरक रहा होले होले
अश्रु किन्हें हम दिखलाएं
किससे हम मन की बात कहें
बेहतर लगती पीड़ा अपनी
अपने भीतर चुपचाप सहें
कुछ पीड़ा सुन मुस्काएंगे
कुछ नमक छिड़क कर जाएंगे
कुछ पाप पुण्य का लगा गणित
पापों का फल बतलाएंगे
किसकी जिह्वा हम पकड़ेंगे
किस किसके होठ सिलाएंगे
ऐसा बोला तो क्यों बोला
किस-किस से लड़ने जाएंगे
चुपचाप सुनेंगे तानों को
दिल अपना भी एक दरिया है
फिर पूछेगा हाल कोई
तो कह देंगे सब बढ़िया है।।

In today’s financially tough atmosphere it has become very vital to learn financial literacy concept. In India, educational curricula focus on traditional academic subjects like Math, Science and Language Arts etc. But the growing sense of the importance of financial literacy is turning this sense. The National Education Policy (NEP) of 2020 advocates for the incorporation of financial literacy at all educational levels. India has a substantial population which lacks financial literacy. Most of them are experiencing debt, poverty and financial exclusion for not having the skilled financial management ability. Economy is getting increasingly intricate day by day and the best way to cope up with this situation demands grasping of financial management skills. Financial literacy will empower individuals to make prudent financial decisions to enable him to a improved financial well-being.
So Indian education system needs introduction of a dedicated financial literacy courses spanning from primary school to university levels.
अधिक मैच खेलने से बचें
कोशिश करें कि कम से कम मैच खेलें। केवल उन्हीं मुकाबलों पर ध्यान दें जिसके बारे में आप अच्छी जानकारी रखते हैं। पैसों के लालच में आकर हर मैच पर रिस्क लेने से बचें।
शोध जरुर करें
टीम बनाने से पहले शोध अवश्य कर लेना चाहिए।समय को लेकर जल्दबाजी ना करें। हर खिलाड़ी के मौजूदा परफार्मेंस और रिकार्ड को जरूर चेक कर लें। सबसे अधिक ज़रुरी होता है यह देखना कि कौन खिलाड़ी लगातार अच्छा कर रहा है। यह रिकार्ड आपको आसानी से ड्रीम 11 ऐप पर ही मिल जाएगा।

बेहतर टीम बनाने के लिए पिच रिपोर्ट को जानना बहुत आवश्यक होता है। अगर पिच बल्लेबाजी के अनुकूल हो तो टीम बल्लेबाजी के मुफीद बनानी चाहिए। अथवा बोलिंग स्पिन/फास्ट के लिए अनुकूल है, तो टीम गेंदबाजी के अनुकूल बनानी चाहिए। पिच रिपोर्ट से आप मैच का औसत स्कोर भी जान सकते हैं।
पिच रिपोर्ट के बाद ड्रीम 11 में टीम बनाने के लिए टॉस की जानकारी लेना बहुत महत्वपूर्ण होता है।
टॉस से हमें यह जानकारी मिलती है कि कौन सी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी और कौन सी टीम पहले गेंदबाजी करेगी।
अक्सर नए खिलाड़ी ड्रीम 11 टीम बनाते समय टॉस का ध्यान नहीं रखते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि किसी भी टीम के लिए टॉस महत्वपूर्ण नहीं होता है!
किंतु ऐसा नहीं है, आज हम आपको टॉस से होने वाले फायदे बताएंगे।
खिलाडी का विशेष प्रदर्शन देखें
सभी टीमों में कुछ ऐसे खिलाड़ी होते हैं जो किसी विशेष स्थान या फिर किसी विशेष टीम के खिलाफ हमेशा अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
जैसे भारत के विराट कोहली एडिलेड, मेलबर्न में हमेशा अच्छा प्रदर्शन करते है और पाकिस्तान के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
इसलिए जब इस प्रकार का मैच हो तो आपको उसमें हमेशा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को अवश्य टीम में रखना चाहिए, क्योंकि वह खिलाड़ी उस खास स्थान अथवा टीम के लिए हमेशा (रन या विकेट) बनाता है।
टॉस तथा मैदान से जुड़ी सभी जानकारियों को इकट्ठा करने के बाद अब Dream11 में आप एक परफेक्ट टीम बना सकते हैं।
आप Dream11 में परफेक्ट प्लेइंग इलेवन चुनने के लिए निम्नलिखित स्टेप फॉलो करें।
ड्रीम 11 में टीम चुनते समय आप चुने गए खिलाड़ी की वर्तमान फॉर्म को अच्छी तरह जांच लें, क्योंकि अगर आपके द्वारा चुने गए खिलाड़ी का फॉर्म अच्छा नहीं है, तो यह लगभग निश्चित है कि वह अच्छा प्रदर्शन नहीं करेगा।
आप हमेशा उसी खिलाड़ी को चुनिए जिसका हालिया फॉर्म बहुत अच्छा हो या फिर आपको ऐसा लगे कि आने वाले मैचों में इसका फॉर्म बहुत अच्छा होगा, तो आप उसे खिलाड़ी को चुने।
ड्रीम 11 में एक कप्तान आपको 2x तथा एक उपकप्तान 1.5x पॉइंट देता है, कप्तान और उपकप्तान अपनी चुनी हुई टीम के सबसे अच्छे खिलाड़ी को ही बनाए।
जोखिम उठाए
ड्रीम11 में जीतने के लिए आपको कभी-कभी जोखिम भी उठाना पड़ता है, क्योंकि बिना जोखिम के आप ड्रीम 11 में ज्यादा पैसे नहीं कमा सकते हैं।
इसलिए आपको छोटे खिलाड़ियों का चयन करके जोखिम लेना चाहिए, क्योंकि कभी ना कभी वह खिलाड़ी भी अच्छा परफॉर्म करके आपको में जिता सकते हैं।
शायरी हमारे दर्द को कम करती है, साहस के साथ कठिनाईयों का मुकाबला करने की हिम्मत देती हैं। मन को सुकून देती हैं। आज के इस पोस्ट में मैं आपको ट्विटर से उधार लेकर कुछ बेहतरीन शायरी पेश कर रहा हूं।
बुरे वक्त में भी जो तुमसे जुदा न हो,
उसे गौर से देख कहीं खुदा न हो ।।
हमारे ज़ख़्म – ए – तमन्ना पुराने हो गए हैं
कि उस गली में गए अब ज़माने हो गए हैं।।
इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ
क्यूँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएँ।।
कौन है जो हवाओ मे ज़हर घोल रहा है ,
जानते सब हैं लेकिन कोई बोल नहीं रहा है।।
बुरे वक्त ने सिखाया है बीतने से पहले
कई बार हारना पड़ता है जीतने से पहले !!
परिंदे घोंसलों से कह के ये बाहर निकल आए
हमें उड़ने दिया जाए हमारे पर निकल आए !!
दुनिया में पति और पत्नी का रिश्ता बाकी सभी रिश्तों से थोड़ा अलग होता है क्योंकि इसमें थोड़ा रोमांस अधिक होता है। लेकिन इस रिश्ते में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है सेक्स। लेकिन सेक्स को लेकर पति पत्नी की राय अलग अलग होती है। कई बार तो इसी को लेकर दोनों के बीच तकरार हो जाती है और रिश्ते तक टूट जाते हैं। सवाल यह है कि आखिर सेक्स को लेकर दोनों अलग अलग क्यों सोचते हैं। ज्यादातर पुरुष कामुक अधिक होते हैं लेकिन महिलाएं नहीं। इसलिए पुरुष के मस्तिष्क में कामुकता के विचार कुछ अधिक तैरते हैं और वो चाहता है कि उसे निर्द्वन्द, लज्जारहित और उत्तेजक यौन सहयोग अपने साथी से मिले। वहीं अपने देश की महिलाएं सेक्स को लेकर संकोची स्वभाव की होती हैं और इसके बारे में खुलकर प्रतिक्रिया नहीं देती हैं। वो अपनापन और लगावयुक्त स्पर्श अधिक चाहती हैं, बजाए सेक्स के। अगर पति पत्नी दोनों एक दूसरे से अपनी मन की बातें साझा करें और एक दूसरे की जरुरतों को समझें और समर्पण का भाव रखें तो उनके बीच रिश्ते कभी खराब नहीं होंगे और बहुत ही मधुर संबंध बनेंगे। पत्नी पति की सेक्स संबंधी जरूरतों का ध्यान रखें और पति पत्नी की अपनेपन की भावना का सम्मान करे तो दोनों के बीच कभी तकरार ही ना हो और उनका प्यार अमर हो जाए।