Author: चापलूसों का शिकार

केवल सुखी जीना काफी नहीं, सार्थक जीना जरुरी है। बढ़ती हुई उम्र और नौकरी न मिलने की हताशा एक इंसान को ख़ुद से दूर कर देती है।

कल्कि करेंगे संहार

पौराणिक मान्यतानुसार भगवान विष्णु के दसवें व अंतिम अवतार भगवान कल्कि के इस धरा पर अवतरण होने का समय चल रहा है। प्रभु कल्कि का प्रकट होना अभी शेष है। ग्रंथों में कलियुग के अंतिम चरण में कल्कि अवतार के आने की भविष्यवाणी की गई है। लेकिन कलयुग के समयकाल को लेकर विद्वानों में मतभेद है। अभी कलयुग का कौन सा चरण चल रहा है किसी को कुछ नहीं पता।

हालांकि भगवान कल्कि की सम्भावित जन्मतिथि श्रावण शुक्ल षष्ठी को कल्कि जयंती के रूप में मनाने का प्रचलन भी है। एक मान्यता के अनुसार जब कलयुग अपने चरम पर होगा, तब भगवान विष्णु अपने 64 कलाओं से युक्त दसवें अवतार भगवान कल्कि अवतार के रूप में इस पृथ्वी पर अवतरित होंगे और कलयुग का अंत कर एक नई सृष्टि का सृजन कर मनुष्य को सनातन वैदिक धर्म पर आरूढ़ कराएंगे।


भगवान विष्णु का यह अवतार निष्कलंक अवतार होगा। कल्कि भगवान का स्वरूप अर्थात सगुण रूप परम दिव्य होता है। वे श्वेत अश्व पर सवार हैं, उनका रंग गोरा है जो क्रोध में काला हो जाता है। पीले वस्त्र धारण किए उनके हृदय पर श्रीवत्स का चिह्न अंकित होगा और गले में कौस्तुभ मणि होगी। उनके हाथों में दो तलवारें होंगी।


कलयुग के घोर अंधकार के युग में जब लोग धर्म और विश्वास को नजर अंदाज़ कर देते हैं और अपनी भौतिकवादी महत्वाकांक्षा और लालच में अपने उद्देश्य को भूल जाते हैं तब भ्रष्ट राजाओं की हत्या के बाद, भगवान कल्कि मनुष्यों के दिलों में भक्ति का भाव जगाएंगे। लोगों को धर्म के मार्ग का अवलंबन और शुद्धता का पालन करना सिखाएंगे ताकि सनातन वैदिक धर्म पर लोगों का विश्वास पुनः वापस आ जाए।
कल्कि अवतार की भविष्यवाणी कई सदियों से हिंदुओं के बीच लोकप्रिय है। कई लोग मानते हैं कि कल्कि का अवतार हो चुका है और वे दुनिया में शांति और समृद्धि स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि कल्कि का अवतार अभी तक नहीं हुआ है और वे भविष्य में अवतार लेंगे।

तो 2024 में फिर से मोदी …..

दोस्तों एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। खबर बिहार से है। बताया जा रहा है कि नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह कुछ नाराज चल रहे हैं। हालांकि उन्हें मनाने की कोशिशें चल रही हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि लल्लन सिंह पार्टी के अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहते हैं लेकिन नीतीश कुमार चाहते हैं कि लल्लन सिंह पार्टी के अध्यक्ष बने रहें। इसी बीच एक और चर्चा है वह यह कि शायद नीतीश कुमार फिर से भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर लें।

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ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल के कुछ नेताओं की अनाप-शनाप बयानबाजी से नीतीश कुमार व्यथित हैं। इसीलिए उनका मोह आरजेडी से भंग रहा है।

हालांकि स्पष्ट तौर से अभी कुछ भी साफ-साफ नहीं कहा जा सकता। लेकिन अगर ऐसा होता है तो इससे भारतीय जनता पार्टी को बड़ी ताकत मिलेगी। यही नहीं भारतीय जनता पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव के अपने 400 प्लस के मिशन को आसानी से पूरा कर लेगी। बिहार में लोक सभा की कुल 40 सीटें हैं। अगर नीतीश कुमार की पार्टी का गठबंधन भारतीय जनता पार्टी से होता है तो यह इंडिया गठबंधन के लिए एक बहुत बड़ा सदमा होगा और विपक्षी पार्टियों का 2024 में मोदी को घेरने की रणनीति विफल हो जाएगी और मोदी फिर से भारत के प्रधानमंत्री पद आसीन होंगे।

आपको बता दें कि लल्लन सिंह जनता दल यूनाइटेड पार्टी के मजबूत स्तंभ हैं। पिछले 40 वर्षों से वह नीतीश कुमार से बहुत करीब से जुड़े रहे हैं। बिहार में उनकी छवि एक मजबूत कद्दावर नेता की रही है। बिहार में उनकी गहरी पैठ है। अगर बीजेपी ऐसा करने में कामयाब होती है तो अचरज की बात नहीं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी का परचम लहराएगा।

आखिर कब होगा विश्व युद्ध

पिछले तीन चार सालों से दुनिया में विश्व युद्ध को लेकर बड़ी उत्सुकता है। इसे लेकर तरह तरह के विचार सोशल मीडिया पर आते रहते हैं। लोग बड़ी उत्सुकता से इन खबरों को पढ़ते भी हैं। कभी कभी तो ऐसा लगता है कि जैसे कल ही शुरू हो जाएगा विश्व युद्ध। दुनिया में जब भी कोई बड़ी राजनैतिक हलचल होती है तो महासंग्राम की चर्चा तेज हो जाती है। लेकिन हर बार विश्व युद्ध की आहट शांति से गुजर जाती है।

मैं यह नहीं कह रहा कि विश्व युद्ध हो‌ क्योंकि इससे किसी को कोई लाभ नहीं होगा। इससे हानि ही हानि होगी। तबाही होगी, भुखमरी होगी, दुःख होंगे पीड़ा होगी। लेकिन किसी के चाहने या न चाहने से कुछ होता नहीं। जब जो होना होगा हो जाएगा। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में विश्व युद्ध अवश्यंभावी है।

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मुझे लगता है युद्ध ही एकमात्र स्थाई समाधान रह गया है। विश्व के कुछ देश किसी भी कीमत पर अपनी जिद से पीछे नहीं हटने वाले और ऐसे ही राष्ट्रों की भूमिका प्रमुख होगी तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत कराने में। यद्यपि वास्तविकता तो यह है कि विश्व युद्ध शुरू हो चुका है ‌लेकिन इसकी विधिवत घोषणा नहीं हुई है। आर्मेनिया अज़रबैजान हो या फिलिस्तीन और इजराइल या फिर कोरियाई संकट हर जगह विश्व युद्ध की एक चिंगारी जल रही है।

चीन की विस्तारवादी नीति और ताइवान पर उसकी नजर, यूरोप में इस्लाम के विरुद्ध पनपती भावनाएं, ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी, नेपाल में राजशाही को लेकर आंदोलन, हूती विद्रोहियों द्वारा मचा तांडव, इस्लामिक देशों की इजरायल के विरुद्ध एकजुटता आदि सभी घटनाएं अघोषित जारी विश्व युद्ध के ही कारण हैं। गुटबाजी तेज हो गई है तो कूटनीतिक चालें भी तेज हो गई है। हर कोई अपने अपने हित साधने के लिए दूसरे मुल्कों को अपने पाले में लाने की भरपूर कोशिश कर रहा है ताकि उसे पर्याप्त रणनीतिक लाभ सके।

लेकिन सवाल फिर वही है कि आखिर विधिवत रूप से यह कब शुरू होगा। कोई भी बड़ा देश इसे शुरू करने का संकट मोल लेने को तैयार नहीं दिख रहा लेकिन वे इससे अपने आप को बचा कर रख पाएंगे ऐसा भी नहीं प्रतीत होता। खैर हमें इंतजार रहेगा विश्व युद्ध का। क्योंकि हमें एक सुंदर और बेहतरीन दुनिया की तलाश है। खुदा हाफ़िज़।

पनौती कौन …… राजा या…

तेनाली रामाकृष्णा विजयनगर साम्राज्य के राजा कृष्णदेवराय के दरबार के अष्टदिग्गजों में से एक थे। अपनी कुशाग्र बुद्धि और हास्य बोध के कारण प्रसिद्ध हुये। राजा कृष्णदेव राय के राज्य में चेलाराम नाम का एक व्यक्ति रहता था। उसके बारे में कहा जाता था कि अगर कोई सुबह-सुबह उसका चेहरा देख ले तो उसे दिनभर खाने को कुछ नहीं मिलता। इसलिए लोग उसे पनौती कहकर पुकारते थे।


एक दिन यह बात राजा के कानों तक जा पहुंची। वह जानना चाहते थे कि क्या चेलाराम सच में इतना मनहूस है? अपनी इस उत्सुकता को दूर करने के लिए उन्होंने चेलाराम को महल में हाजिर होने का बुलावा भेजा। चेलारम सच्चाई से अंजान खुशी-खुशी महल के लिए चल पड़ा। महल पहुंचने पर राजा उसे देखकर सोचने लगे कि यह तो दूसरों की भांति सामान्य प्रतीत होता है। यह दूसरे लोगों के लिए कैसे मनहूसियत का कारण हो सकता है।

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परखने के लिए उन्होंने चेलाराम को अपने शयनकक्ष के सामने वाले कमरे में ठहरने का आदेश दिया। चेलाराम को राजा के कमरे के सामने वाले कमरे में ठहराया गया।
अगली सुबह राजा कृष्णदेव राय उसे देखने के लिए कमरे में आए। उन्होंने चेलाराम को देखा और फिर अपने जरूरी काम के लिए चले गए।

संयोगवश राजा को सभा के लिए जल्दी जाना पड़ा, इसलिए सुबह का नाश्ता नहीं किया। सभा की बैठक इतनी लंबी चली कि सुबह से शाम हो गई। राजा को भोजन करने का समय न मिला। थके-हारे, भूखे राजा शाम को भोजन के लिए बैठे ही थे कि परोसे हुए खाने में मक्खी पड़ गई। उन्होंने भोजन न करने का निर्णय किया। भूख व थकान से राजा का बुरा हाल था। गुस्से में उन्होंने इस बात का दोषी चेलाराम को ठहराया। उन्होंने स्वीकार कर लिया कि वह एक मनहूस व्यक्ति है।
उन्होंने चेलाराम को मृत्युदंड की सजा सुना दी।

जब यह बात चेलाराम को पता चली तो वह भागा-भागा तेनालीराम के पास पहुंचा। उसे मालूम था कि इस सजा से उसे केवल तेनालीराम ही बचा सकते हैं। उसने अपनी पूरी व्यथा सुनाई। तेनालीराम ने उसे आश्वस्त किया कि वह डरे नहीं और जैसा कहें वैसा करे। फांसी के समय चेलाराम को लाया गया। उससे पूछा गया कि क्या उसकी कोई आखरी इच्छा है? जवाब में चेलाराम ने कहा, वह राजा समेत पूरी प्रजा के सामने कुछ कहना चाहता है। सभा का एलान किया गया। सभा में पहुंचकर चेलाराम बोला, “महाराज, मैं केवल यह कहना चाहता हूं कि अगर मैं इतना मनहूस हूं कि जो कोई मुझे सुबह देख ले तो उसे दिन भर भोजन नसीब नहीं होता, तो आप भी मेरी तरह एक मनहूस हैं।”


यह सुन सभी लोग भौचक्के रह गए। राजा क्रोधित होकर बोला, “तुम्हारी ये मजाल, तुम ऐसा कैसे कह सकते हो?”
चेलाराम ने जवाब दिया, “महाराज, उस दिन सुबह सबसे पहले मैंने भी आप ही का चेहरा देखा था और मुझे मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। इसका अर्थ तो ये हुआ कि आप भी मनहूस हैं, जो कोई सुबह सबसे पहले आपका चेहरा देख ले उसे मृत्युदंड मिलना तय है।”

चेलाराम की यह बात सुनकर महाराज को एहसास हुआ कि चेलाराम निर्दोष है। उन्होंने शीघ्र ही उसे रिहा करने का आदेश दिया और उससे माफी मांगी। अंत में चेलाराम से पूछा कि उसे ऐसा कहने के लिए किसने कहा था? चेलाराम ने जवाब दिया तेनालीराम के अलावा कोई और मुझे इस मृत्युदंड से नहीं बचा सकता था। इसलिए मैंने उनके समक्ष जाकर अपने प्राणों की गुहार लगाई थी।

वाह भाई बीरबल वाह….

दोस्तों, बीरबल अकबर के नौरत्नों में से एक थे जो अपने बहुमूल्य सलाह के लिए जाने जाते थे। उनकी विनोदप्रियता और चतुराई के किस्से देश के कोने कोने में प्रसिद्द थे। खुद अकबर भी उसके प्रसंशक थे। लोकप्रियता में बीरबल का कोई सानी नहीं था।
एक बार अकबर ने अपनी बेगम को तोहफे में बहुमूल्य हार दिया। रानी बहुत खुश हुईं। अकबर ने बेगम को बताया कि उसने इस हार को खास कारीगरों से बनवाया है। रानी ने कहा कि वह इसे हमेशा अपने पास रखेंगी। अकबर को बहुत खुशी हुई। अगले दिन सुबह रानी सोकर उठने के बाद जब नहा कर तैयार होती हैं तो उन्हें हार नही मिलता है। हार के चोरी होने की बात जब अकबर को पता चलती है तो वह गुस्से से तमतमा उठता है। लेकिन रानी को दुखी देखकर अकबर ने कहा कि बेगम आप दुखी ना हों। वो तो मामूली सा तोहफा था, हम आपके लिए और उससे भी अच्छा हार बनवा देंगे। इसके बाद अकबर सिपाहियों और दासियो को आदेश देता है कि वे रानी के कमरे के हर एक कोने में जाकर ढूंढो हार ढूंढें। सिपाही थोड़ी देर बाद आता है और कहता है कि जहाँपनाह हमने हर जगह हार ढूंढा लेकिन हार कहीं नही मिला। अकबर ने कहा मामला गम्भीर है और अब सिर्फ बीरबल ही इस मामले को सुलझा सकते हैं। उसने सिपाहियों से तत्काल बीरबल को बुलावा भेजा। बीरबल के आने पर अकबर ने उसे पूरी घटना बताते हुए कहा कि सच्चाई पता करो।

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बीरबल ने कहा कि हुजूर एक बात तो पक्की है कि चोर सिपाहियों और दासियों में से ही है। इस बात का पता लगाने के लिये मुझे अपने एक दोस्त को बुला कर लाना पड़ेगा। बीरबल ने बताया कि उसका दोस्त कोई ऐसा-वैसा दोस्त नही है, उसके पास जादुई शक्तियां हैं, जो चोर को पकड़ने में मदद करेंगी। बीरबल ने अकबर से कहा कि आप बस रानी के कमरे में पहरा देने वाले सिपाही और दासियों को बुलवाइये, मैं अभी अपने दोस्त को लेकर आता हूँ। थोड़ी देर बाद बीरबल एक गधे को लेकर महल में आते हैं। यह देखकर अकबर बीरबल से पूछा। ये क्या मजाक है, हमने तो तुम्हे तुम्हारा दोस्त लाने को कहा था, ये तो गधा है।
बीरबल ने कहा हुजूर यही ह्मेरा दोस्त है जिसे जादुई शक्ति आती है और यही चोर पकड़ने में हमारी मदद करेगा। बीरबल एक तम्बू में गधे को खड़ा कर देते हैं। फिर बीरबल ने अकबर से कहा कि इस तम्बू के अंदर एक-एक करके सिपाही और दासियो को भेजिए और इन सबको गधे की पूंछ पकड़ कर ये बोलना है कि मैंने चोरी नही की। जब ये सारे लोग गधे की पूंछ पकड़ लेंगे, तभी मेरा दोस्त बताएगा चोर कौन है।
अकबर ने कहा ठीक है। उसने सिपाहियों और दासियो से वैसा ही करने को कहा जैसा बीरबल ने कहा था। और फिर सभी सिपाही और दासी गधे की पूंछ पकड़ते हैं। अंत में बीरबल ने कहा कि अब मैं अपने दोस्त से पूछ कर आता हूँ कि चोर कौन है। कुछ देर बाद बीरबल ने अकबर से कहा कि अब उसे उन सभी सिपाहियों और दासियों के हाथ सूंघने हैं। सभी के हाथ सूंघने के बाद, बीरबल ने एक सिपाही को पकड़कर कहा कि ये सिपाही चोर है। अकबर ने बीरबल से पूछा कि तुम कैसे कह सकते हो कि यही चोर है। तुम गधे की बात कैसे समझ सकते हो।
बीरबल ने कहा जहाँपनाह मैंने उस गधे की पूंछ पर एक खास इत्र लगा दिया था। इसलिए मैंने इन सभी से गधे की पूंछ पकड़ने को कहा और जहाँ पनाह मैं ये भी जानता था कि चोर पकड़े जाने के डर से गधे की पूंछ नही पकड़ेगा। उस इत्र की खुशबू सभी के हाथों में से आ रही थी। लेकिन जब मैंने इसके हाथ सूंघे, तो इसके हाथों में वह खुसबू नही आ रही थी। इसलिए यही चोर है। इस तरह बीरबल ने एक बार फिर अपनी चतुराई से अकबर को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कल्कि अवतार यहां हैं

आजकल कल्कि अवतार को लेकर बहुत चर्चा हो रही है। खास कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यू ट्यूब पर कुछ ज्यादा ही शोरगुल है। कल्कि अवतार को लेकर सबके अपने अपने विचार हैं। कुछ तो इस तरह अपने विचारों को रखते हैं मानो वो कल्कि के प्रवक्ता हों। और कुछ तो इस तरह से आते हैं जिन्हें देखकर ही लगता है कि बस करो ये तो मसखरें हैं जो हमारा मनोरंजन करने आए हैं।

यू ट्यूब पर एक मोहतरमा आती है। देखने में खूबसूरत लगती हैं। साथ श्रृंगार करके आती हैं। खुद को मा लक्ष्मी, मां काली और मां भगवती का अवतार घोषित करती हैं। ये सबको अपनी शरण में आमंत्रित कर रही हैं।

एक हैं राकेश शर्मा जी जो खुद को भक्त प्रहलाद मानते हैं। इनका भी मानना है कि भगवान धरा पर अवतरित हो चुके हैं ताकि पाप और पापियों का अंत हो सके। ये टैरो कार्ड रीडर भी हैं और भविष्यवाणी भी करते रहते हैं। वैसे कल्कि अवतार के प्रेमियों के बीच बहुत लोकप्रिय भी हैं।

https://youtube.com/@ambrance1112?si=VPiSSADVB-DjP4d1

एक और सज्जन हैं जो खुद को कल्कि अवतार का एक प्रमुख पात्र मानते हैं। ये सज्जन हैं डाक्टर विलास जगदाले। ये महोदय यू ट्यूब पर ही आजकल धुनी रमाते हैं, योग और समाधि सिखाते हैं। इन्हें लगता है कि दुनिया का साम्राज्य एक दिन इनके हाथों में होगा और ये न्याय करेंगे। अपने वीडियो में पिछले कई सालों से बताते आ रहे हैं कि कोई बहुत बड़ी तबाही आएगी और सभी पापियों का नाश हो जाएगा।

https://youtube.com/@DrVilasJagdaleG?si=w31gjrOOZP3jbtIE

वहीं उड़ीसा के सत्यभांजा नामक एक व्यक्ति भी कल्कि अवतार को लेकर रोज कुछ न कुछ विचार रखते रहते हैं। आजकल किसी पुलिन पांडा नाम के ज्योतिषी को लेकर ये आने वाले समय के बारे में बातें बताते हैं। बताते चलें कि पुलिन पांडा जी की पहचान जाने माने ज्योतिषी की है। ख़ैर हमें क्या।

https://youtube.com/@SatyaBhanjaHindi?si=JRjPqZ97RS_HRK6S

चलते चलते एक और महोदय के बारे में बताते चलें। इनके वीडियो देखकर लगता है मानो ये खुद भगवान कल्कि के साथ ही अवतार हुए हैं। इन्हें कल्कि के बारे में सब कुछ पता है। इनका दावा है कि आने वाले समय में भगवान कल्कि सारे पापियों का सफाया कर देंगे। इन महोदय के चैनल का लिंक है

https://youtu.be/WzMeloEvsLs?si=2Tqzc21VXAlmqbqL

लेकिन असल बात तो ये है कि असली कल्कि अवतार का सही पता तो मेरे पास है। दुर्भाग्य ये है कि न तो मैं यू ट्यूब चैनल चलाता हूं और ना ही मैं तामझाम की ख्वाहिश ही रखता हूं। हां, लेकिन यह सच है कि असली कल्कि का पता मेरे पास है। बताता इसलिए नहीं क्योंकि दुनिया उस पर विश्वास करेगी नहीं। हालांकि कुछ लोगों ने कल्कि अवतार के बारे में खुलकर बताया है लेकिन लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। इसलिए बेहतर यही है कि वक्त का इंतजार करें और कल्कि को खुद ही कल्कि घोषित करने का अवसर दें। इतना बता दूं कि इस समय कल्कि को सारे पापी, दुराचारी और पाखंडी घेरने की फिराक में हैं लेकिन वो कल्कि का कुछ नुकसान कर नहीं पाएंगे। कल्कि ने कोहराम मचा रखा है। वो फटाफट निर्णय लिए जा रहे हैं और राक्षस विरादरी बेचैन है इस समय।

Vivek Bindra पर FIR दर्ज

विवेक बिंद्रा ने घरेलू ‘क्राइम शो’ किया है। इस शो में उन्होंने धर्म पत्नी को लहूलुहान कर दिया है। बीवी को गहरे ज़ख्म दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि वो अब सुन नहीं सकती हैं। 

गौर करें तो विवेक बिंद्रा (Vivek Bindra) एक फेमस इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर (Motivational Speaker) हैं। एक बिज़नेसमैन हैं। धनाढ्य हैं। सेलिब्रिटी हैं। अभी हाल ही उनकी धूमधाम से यानिका से शादी हुई है। अब बीवी के साथ घरेलू हिंसा करने का आरोप लगा है। 

इससे पहले यूट्यूबर और मोटिवेशनल स्पीपर संदीप माहेश्वरी के साथ ठगी को लेकर विवेक बिन्द्रा की बहस सामने आई थी। संदीप ने विवेक बिंद्रा पर लोगों से पैसे ऐंठने का आरोप लगाया था। अब Motivational Speaker Vivek Bindra पर उनकी बीवी ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है। पुलिस हिंसा की जांच कर रही है।

विवेक बिंद्रा के खिलाफ यूपी के गौतमबुद्ध नगर सेक्टर 126 थाने में बीवी पर हमला करने का मामला दर्ज है। विवेक बिंद्रा की हाल ही में 6 दिसंबर को शादी हुई थी। 14 दिसंबर को उनके खिलाफ थाने में घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई गई। 

शिकायत के मुताबिक शादी के अलगे दिन यानी कि 7 दिसंबर को विवेक की उनकी माँ प्रभा के साथ तीखी बहस हुई थी। बीच-बचाव के लिए पत्नी आगे आईं, तो विवेक ने उनके साथ जमकर मारपीट की। इस झगड़े में उनको काफी गहरी और गंभीर चोटें आईं। 

कौन हैं Vivek Bindra?

विवेक बिंद्रा (Vivek Bindra) इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर हैं। इसके साथ ही वह ‘बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड’ (BBPL) के फाउंडर हैं। विवेक लोगों को सफ़ल बिज़नेस चलाने और मार्केटिंग के टिप्स भी देते हैं। उनके शोज़ और वीडियोज़ काफ़ी पॉपुलर हैं। लोग बिज़नेस के गुर सीखने के लिए विवेक बिंद्रा को फॉलो करते हैं।

यूट्यूब पर भी विवेक बंद्रा काफी नाम कमा चुके हैं। उनके यूट्यूब पर 21.4 मिलियन से ज़्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। 

विवेक बिंद्रा के पास कितनी संपत्ति?

विवेक बिंद्रा के पास दिल्ली में लग्ज़री हाउस है। साथ ही नोएडा में भी उनकी संपत्ति है। मोटिवेशनल शोज़ और वीडियोज़ से विवेक बिंद्रा अच्छी खास कमाई करते हैं। अभी उनकी नेटवर्थ एक मिलियन डॉलर से अधिक है।

जानकारी के मुताबिक विवेक एक महीने में 40 से 50 लाख रुपए तक की कमाई करते हैं। उनकी सालाना इनकम 7 से 9 करोड़ रुपए के बीच है। इतना ही नहीं विवेक अपनी कंपनी के बिजनेस से करोड़ों रुपए की कमाई करते हैं।

कंपनी बड़ा बिजनेस के तहत विवेक बिंद्रा लोगों को एक कोर्स भी करवाते हैं। इस कोर्स में वह लोगों को मार्केटिंग और बिज़नेस के गुर सिखाते हैं। इसके लिए वह अच्छी रकम भी चार्ज करते हैं।

पुलिस ने बताया कि विवेक बिंद्रा के खिलाफ उनकी पत्नी यानिका (Vivek Bindra Wife) के भाई वैभव क्वात्रा (Vaibhav Kwatra) ने  नोएडा के सेक्टर-126 थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

एफआईआर के अनुसार, विवेक बिंद्रा माँ से विवाद के बाद अपनी पत्नी यानिका को एक कमरे के अंदर ले जाकर कुटाई करते हैं। उनके बाल खींचते हैं और जमकर मारपीट करते हैं। पुलिस ने बताया कि बिंद्रा की पत्नी के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

बता दें बिंद्रा, बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड (BBPL) के सीईओ हैं और उन्हें यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर लाखों लोग फॉलो करते हैं। हाल ही में यूट्यूबर संदीप माहेश्वरी ने अपने यूट्यूब चैनल पर “बिग स्कैम एक्सपोज़” शीर्षक से एक वीडियो जारी किया था। जिसमें कुछ छात्रों ने बिंद्रा की कंपनी द्वारा धोखा दिए जाने का दावा किया था। हालांकि बिंद्रा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था।

लड़ते लड़ते

कश्मकश इस जिंदगी की

मिटती नहीं ऐ दोस्त

सुपुर्द ए खाक हो जाउंगा

लड़ते लड़ते एक रोज।

कहां कम है, मेरा जुनून

कभी आजमा के तो देख

हारता हूं, पर हारा नहीं मैं।

मेरे इरादे हैं बड़े नेक।

नहीं मलाल है, तेरी शोहरतों का

मैं एक इंकलाब हूं ऐ दोस्त

जिंदा रहकर देखूंगा सब कुछ

सागर की तरह बनकर खामोश।

कैसे दिन बीते कोई जतन बता जा

जीवन में जब ऐसे पल आते हैं कि आदमी बेवश हो जाता है और उम्मीद की कोई किरण दिखाई नहीं देती तो ऐसे आदमी को क्या करना चाहिए। मुझे नहीं मालूम। पता नहीं कितने लोगों के जीवन में ऐसा घटित होता होगा। मेरे जीवन में कुछ ऐसा ही चल रहा है। लेकिन इससे मुझे एक सीख मिल रही है कि जीवन में कितना भी भयंकर कष्ट हो, कितनी भी बड़ी मुसीबत आए, कभी नाउम्मीद नहीं होना चाहिए। गौर से देखने पर पाता हूं कि जिन मुसीबतों को देखकर हिम्मत टूट रही है वो तो अभी आयी ही नहीं हैं। ये तो मन की चाल है जो यह डर दिखाता है कि तुम्हारा समय कैसे बीतेगा। लेकिन डर तो लगता ही है साहेब। अब इस डर से हाथ पैर पटकने का मतलब है कि साहस को कमजोर करना।

गूगल

फिर दिल कहता है ये जीवन तो एक तमाशा है यार। यह कितनी अच्छी बात है। दिल और आत्मा को सुकून देती है। अब इस तमाशे को कैसे झेलना है‌‌। जिन्हें भगवान या नसीब ने या उनकी अपनी मेहनत ने कुछ दिया है वे उन लोगों का तमाशा बनाते हैं जो अपनी जिंदगी से पहले ही परेशान चल रहे हैं। ताने मारने से लेकर नीचा दिखाने तक की कोशिशें की जाती हैं उस इंसान के लिए जिसे उसकी जिंदगी ने ही जलील कर दिया है। आजकल तो कुछ ज्यादा ही हो रहा है।

भोजन करने की सलाह

भीष्म पितामह ने अर्जुन को 4 प्रकार का भोजन न करने की सलाह दी…

1. जिस थाली को क़ोई व्यक्ति लांघ कर गया हो वह भोजन नाली में पड़े कीचड़ के समान है!वह भोजन योग्य नहीं है!

2. जिस थाली को ठोकर लग गई या पांव लग गया वह भोजन भिष्टा के समान है!वह भोजन योग्य नहीं है!

3. जिस भोजन की थाली में या भोजन में बाल (केश) पड़ा हो वह दरिद्रता के समान है!भोजन योग्य नहीं है!

4. जिस थाली में पति पत्नी एक साथ भोजन कर रहे हों वह भोजन भी योग्य नहीं है!लेकिन पत्नी अगर अपने पति की झूठी थाली या पति का झूंठा खाती है!तो उसे चारों धाम का पुण्य फल मिलता है!

हे अर्जुन बेटी अगर कुमारी हो और पिता के साथ एक ही थाली में भोजन करती है! तो उस पिता की कभी अकाल

मृत्यु नहीं हो सकती क्योंकि बेटी पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती है।

जय श्रीकृष्ण, जय सनातन, जय गोविंदा और स्मरण रखियेगा संस्कार दिये बिना सुविधाएं देना ही पतन का कारण है सुविधाएं अगर आपने बच्चों को नहीं दी,तो वो थोडी देर ही रोयेंगे लेकिन संस्कार नहीं दिये तो वो जिन्दगी भर रोयेंगे। पोस्ट जनहित जानकारी हेतु रिट्वीट शेयर फालो जरूर करें धन्यवाद