दोस्तों एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। खबर बिहार से है। बताया जा रहा है कि नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह कुछ नाराज चल रहे हैं। हालांकि उन्हें मनाने की कोशिशें चल रही हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि लल्लन सिंह पार्टी के अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहते हैं लेकिन नीतीश कुमार चाहते हैं कि लल्लन सिंह पार्टी के अध्यक्ष बने रहें। इसी बीच एक और चर्चा है वह यह कि शायद नीतीश कुमार फिर से भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर लें।

ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय जनता दल पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल के कुछ नेताओं की अनाप-शनाप बयानबाजी से नीतीश कुमार व्यथित हैं। इसीलिए उनका मोह आरजेडी से भंग रहा है।
हालांकि स्पष्ट तौर से अभी कुछ भी साफ-साफ नहीं कहा जा सकता। लेकिन अगर ऐसा होता है तो इससे भारतीय जनता पार्टी को बड़ी ताकत मिलेगी। यही नहीं भारतीय जनता पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव के अपने 400 प्लस के मिशन को आसानी से पूरा कर लेगी। बिहार में लोक सभा की कुल 40 सीटें हैं। अगर नीतीश कुमार की पार्टी का गठबंधन भारतीय जनता पार्टी से होता है तो यह इंडिया गठबंधन के लिए एक बहुत बड़ा सदमा होगा और विपक्षी पार्टियों का 2024 में मोदी को घेरने की रणनीति विफल हो जाएगी और मोदी फिर से भारत के प्रधानमंत्री पद आसीन होंगे।
आपको बता दें कि लल्लन सिंह जनता दल यूनाइटेड पार्टी के मजबूत स्तंभ हैं। पिछले 40 वर्षों से वह नीतीश कुमार से बहुत करीब से जुड़े रहे हैं। बिहार में उनकी छवि एक मजबूत कद्दावर नेता की रही है। बिहार में उनकी गहरी पैठ है। अगर बीजेपी ऐसा करने में कामयाब होती है तो अचरज की बात नहीं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी का परचम लहराएगा।