भीष्म पितामह ने अर्जुन को 4 प्रकार का भोजन न करने की सलाह दी…
1. जिस थाली को क़ोई व्यक्ति लांघ कर गया हो वह भोजन नाली में पड़े कीचड़ के समान है!वह भोजन योग्य नहीं है!
2. जिस थाली को ठोकर लग गई या पांव लग गया वह भोजन भिष्टा के समान है!वह भोजन योग्य नहीं है!
3. जिस भोजन की थाली में या भोजन में बाल (केश) पड़ा हो वह दरिद्रता के समान है!भोजन योग्य नहीं है!
4. जिस थाली में पति पत्नी एक साथ भोजन कर रहे हों वह भोजन भी योग्य नहीं है!लेकिन पत्नी अगर अपने पति की झूठी थाली या पति का झूंठा खाती है!तो उसे चारों धाम का पुण्य फल मिलता है!
हे अर्जुन बेटी अगर कुमारी हो और पिता के साथ एक ही थाली में भोजन करती है! तो उस पिता की कभी अकाल
मृत्यु नहीं हो सकती क्योंकि बेटी पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती है।
जय श्रीकृष्ण, जय सनातन, जय गोविंदा और स्मरण रखियेगा संस्कार दिये बिना सुविधाएं देना ही पतन का कारण है सुविधाएं अगर आपने बच्चों को नहीं दी,तो वो थोडी देर ही रोयेंगे लेकिन संस्कार नहीं दिये तो वो जिन्दगी भर रोयेंगे। पोस्ट जनहित जानकारी हेतु रिट्वीट शेयर फालो जरूर करें धन्यवाद