वाह भाई सिराज, तूने तो कहर ही ढा दिया। हनुमान जी के आज तूने लंका जलाई है। खेल शुरू होने से पहले ही तूने टीम इंडिया की जीत तो तय कर दी। खुशी बहुत हो रही है। लेकिन दुःख भी हो रहा है। दुख इस बात का है कि मैंने आपको नजरअंदाज किया और अपनी ड्रीम 11 की टीम में जगह नहीं दी। बहुत लोगों की ड्रीम 11 टीम में आप नहीं हैं। ये तो बेचारे गये। सिर पीट रहे होंगे कि काश मोहम्मद सिराज को भी टीम में शामिल कर लिया होता। बहुतों को तो विराट कोहली और शुभमन गिल के अलावा कोई दिखता ही नहीं।


लेकिन आपसे एक शिकायत है भाई। इतनी जल्दी क्या थी। आपको केवल विकेट ही चाहिए थे ना। तो आराम से ले लेते। 10 ओवर तो आपको मिलने ही थे, तो 2 ओवर में ही कयामत लाने की क्या जरूरत थी। कहीं पिछले मैच में न खिलाए जाने की भड़ास तो नहीं निकाल रहे थे आप।
खैर छोड़िए… अब तो आपने जो करना था, कर ही दिया। हमारे तो सिर्फ 49 रुपए ही डूबेंगे। लेकिन आपने ड्रीम 11 प्रेमियों के लिए एक संदेश तो दे ही दिया है कि आपको भी टीम बनाते समय विचार किया जाए। अगर यह लेख आप तक पहुंचे तो मुझसे संपर्क जरुर करिएगा ताकि आपकी वजह से हुए नुक़सान की भरपाई मैं कर सकूं। अगले मैच में मैं आपको अपनी ड्रीम 11 टीम का कैप्टन जरुर बनाउंगा। उसमें भी आप इसी कातिलाना अंदाज में गेंदबाजी करना ताकि मैं भी करोड़पति बन सकूं। आशा है कि यह लेख आप तक पहुंचेगा और आप मेरी बात मानेंगे भी। अब मुझे अगले मैच का इंतजार है। और आप भी मेरी बात भूलिएगा नहीं।
अल्ला हाफिज खुदा खैर करे।