संजू भगत को देखकर उनके पड़ोसी उन पर हंसा करते थे क्योंकि उनका पेट बहुत अधिक बाहर की निकला हुआ था, देखकर लगता था कि जैसे उनके पेट में बच्चा हो। लेकिन लोगों की प्रतिक्रिया की परवाह न करते हुए उन्होंने अपनी इस शारीरिक कुरुपता को रूपए कमाने का जरिया बना लिया।

संजू भगत का जन्म 1963 में नागपुर में हुआ था। बचपन में उनके शरीर में किसी भी प्रकार की असमान्यता के लक्षण नहीं थे। संजू भगत का परिवार एक गरीब परिवार था संजू भगत अपने खेतों में काम करते और जब वह 20 वर्ष के हुए तब उनका पेट बढ़ना शुरू हुआ। जब संजू भगत की उम्र 30 वर्ष की हुई तो लोग उन्हें गर्भवती आदमी कहकर उनको चिढ़ाते थे। अब संजू भगत के परिवार के लोगों को उनकी चिंता सताने लगी और उन्होंने संजू से कई बार कहा कि वह अस्पताल जाकर डॉक्टर से सलाह मशवरा करें। धीरे-धीरे संजू भगत का पेट बाहर की ओर निकलता रहा और इतना बढ़ गया कि उनको सांस लेने में कठिनाई होने लगी। सांस लेने में दिक्कत होने पर संजू भगत को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें एक अजीबोगरीब बात पता चली। डॉक्टरों के अनुसार संजू भगत ना तो पेट से थे और ना ही उनके पेट में कोई ट्यूमर था। संजू भगत के पेट में उनका जुड़वा भाई था। 1999 में जब संजू अस्पताल पहुंचे तो उस दिन अजय मेहता नाम के डॉक्टर ड्यूटी पर थे। ऑपरेशन के दौरान संजू के पेट से एक दूसरा इंसान निकाला। यही नहीं उनके पेट के अंदर से बहुत सारे मानव अंग निकले जैसे की बाल, हड्डियां, महिला जननांग इत्यादि। डॉक्टर इस घटना से आश्चर्यचकित थे और अंग्रेजी में इस घटना को vanishing twin syndrome कहा जाता है। वैनिशिंग ट्विन सिंड्रोम में जुड़वा या ज्यादा बच्चे होने पर, एक बच्चा गर्भ में ही मर जाता है। इसकी वजह से एक भ्रूण गायब हो जाता है या दूसरा बच्चा, मल्टीपल, प्लेसेंटा इसे आंशिक या पूर्ण रूप से सोख लेता है। इसका पहला मामला 1945 में सामने आया था।
यह लेख History Defined नामक एक ब्लाग पर प्रकाशित अंग्रेजी लेख का हिंदी रूपांतरण है। इसका अंग्रेजी संस्करण आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।
https://www.historydefined.net/sanju-bhagat/
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