यूक्रेन के रक्षा प्रमुख एलेक्सी डानीलोव ने कहा कि कीव और मास्को के बीच जारी संघर्ष को दो देशों के बीच युद्ध समझना भूल है। दरअसल यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत है।

यूक्रेन की राजधानी कीव में मंगलवार को बात करते हुए उन्होंने कहा कि जारी संघर्ष के बीच भी नाटो यूक्रेन को एक सदस्य के रूप में अपनाना चाहता है और हम इसे मजबूत बनाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई यह समझता है कि तीसरा विश्व युद्ध शुरू नहीं हुआ है तो वह गलतफहमी में जी रहा है। तीसरा विश्व युद्ध अब और सक्रिय हो रहा है। यह युद्ध और जटिल होता जा रहा है। जब वह ये बातें कह रहे थे तो उनके बगल में अमेरिकी खुफिया एजेंसी के निदेशक डेविड पेट्रास भी मौजूद थे।

पेट्रास ने अपने संबोधन में कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वह ऐसा संघर्ष देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूस ना तो ज्ञान के क्षेत्र में प्रभावशाली और ना ही युद्ध मैदान में प्रदर्शन के क्षेत्र में। बावजूद इसके उन्होंने एक उत्कृष्ट रक्षा तंत्र विकसित कर लिया है जिसे भेदना आसान नहीं होगा। मंगलवार को ही रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में दावा किया गया था कि दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध में अब तक यूक्रेन के 66000 सैनिक मारे जा चुके हैं और उनके लगभग 7600 हथियारों के जखीरे बर्बाद हो चुके हैं। यूक्रेन को इस युद्ध में अब तक कोई महत्वपूर्ण लाभ नहीं मिला है।
हालांकि यूक्रेन ने कुछ गांवों पर अपना अधिकार जमा लिया है लेकिन ये सभी गांव रूसी रक्षा सीमा से बहुत दूर स्थित हैं। रूसी राष्ट्रपति लंबे समय से यह कहते आए हैं कि यूक्रेन में जारी संघर्ष अमेरिका और नाटो द्वारा रूस के विरुद्ध छेड़ा गया छद्म युद्ध है और पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को बड़ी मात्रा में हथियारों की आपूर्ति और गुप्त सूचनाओं का आदान प्रदान यह बताता है कि वास्तव में वे भी इस युद्ध का हिस्सा हैं।
रूस नाटो को विरोधी खेमे के रूप में देखता है और इसके पूर्व में विस्तार का विरोध करता है। यूक्रेन की अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य संगठन का हिस्सा बनने की लालसा ही रूसी हमले के पीछे मुख्य वजह है।

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