मैं भी असली ढोंगी हूं

👉👉 Please like the post and share.

धनिकों का बहुत विरोधी हूं

फिर भी मैं धन का लोभी हूं

दर दर भटकूं धन की खातिर

रहने दो मुझे मैं जो भी हूं।

………………………………………………….

हूं उग्र स्वभाव का मैं बंदा

पर जीता बहुत संकोची हूं

चिंता का भाव लिए मैं सोचूं

मैं भी एक असली ढोंगी हूं।

………………………………………………….

है प्यार भरा दिल में मेरे

फिर भी मैं कितना क्रोधी हूं

तुम सोच रहे क्या चीज़ हूं मैं

मैं ये भी हूं मैं वो भी हूं।

………………………………………………….

सुंदर स्वस्थ है तन मेरा

फिर भी मैं मन का रोगी हूं

यश वैभव की परवाह नहीं

क्या मैं भी कोई योगी हूं।

………………………………………………….

Leave a comment