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धनिकों का बहुत विरोधी हूं
फिर भी मैं धन का लोभी हूं
दर दर भटकूं धन की खातिर
रहने दो मुझे मैं जो भी हूं।
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हूं उग्र स्वभाव का मैं बंदा
पर जीता बहुत संकोची हूं
चिंता का भाव लिए मैं सोचूं
मैं भी एक असली ढोंगी हूं।
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है प्यार भरा दिल में मेरे
फिर भी मैं कितना क्रोधी हूं
तुम सोच रहे क्या चीज़ हूं मैं
मैं ये भी हूं मैं वो भी हूं।
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सुंदर स्वस्थ है तन मेरा
फिर भी मैं मन का रोगी हूं
यश वैभव की परवाह नहीं
क्या मैं भी कोई योगी हूं।
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