उसे गौर से देख कहीं खुदा ना हो

शायरी हमारे दर्द को कम करती है, साहस के साथ कठिनाईयों का मुकाबला करने की हिम्मत देती हैं। मन को सुकून देती हैं। आज के इस पोस्ट में मैं आपको ट्विटर से उधार लेकर कुछ बेहतरीन शायरी पेश कर रहा हूं।

बुरे वक्त में भी जो तुमसे जुदा न हो,

उसे गौर से देख कहीं खुदा न हो ।।

हमारे ज़ख़्म – ए – तमन्ना पुराने हो गए हैं

कि उस गली में गए अब ज़माने हो गए हैं।।

इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ

क्यूँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएँ।।

कौन है जो हवाओ मे ज़हर घोल रहा है ,

जानते सब हैं लेकिन कोई बोल नहीं रहा है।।

बुरे वक्त ने सिखाया है बीतने से पहले

कई बार हारना पड़ता है जीतने से पहले !!

परिंदे घोंसलों से कह के ये बाहर निकल आए

हमें उड़ने दिया जाए हमारे पर निकल आए !!

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